Vikram Dhanauri

Vikram Dhanauri

हर रोज़ खा जाते थे वो कसम मेरे नाम की, आज पता चला की जिंदगी धीरे धीरे ख़त्म क्यूँ हो रही है.

3270Με επιφύλαξη παντός δικαιώματος.

VikramDhullVikramDhull

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