jai badrivishal ?

jai badrivishal ?

देवभूमि है हमारी हरिद्वार बद्री विशाल,  'केदार नाथ पितरों का साथ,, 'देवी देवताओं के धाम यहां पर लोग यहां के गंगा से निर्मल, 'प्रेम भक्ति उपासना का पग पग में रंग  भोले भाले लोग यहां के पैर छू के,  'माथे को चूम के देते ढेरों आशीर्वाद  टेढ़े मेढ़े रास्तों में दौड़ते यहां का बचपन, 'मेहनत बसती है यहां के जवाँ खून में,  'रीति रिवाज लोकगीत भाव विभोर कर देते सुनके पुराने गीत आंखों से आंसू छलका देते, ??

270Alle rechten voorbehouden.

shikhasundriyal248shikhasundriyal248

Reacties 0